नासा ने कल्पना चावला से क्यों छुपाई थी इतनी बड़ी बात, जानकर होंगे हैरान

कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च 1962 मे भारत के एक छोटे से शहर करनाल में हुआ था कल्पना चावला बचपन से ही आसमान मे उड़ान के सपने लिया करती थी। कल्पना ने अपनी बारहवीं कक्षा के बाद 1982 मे पंजाब इंजीनियर कॉलेज में एयरोनॉटिकल की बीटेक की डिग्री ली वह पढ़ाई के लिए अमेरिका चली गई एयरोस्पेस इंजीनियरिंग पीएचडी की पढ़ाई की दिसंबर 1994 मे कल्पना को नासा ने स्पेस ट्रेनिंग के लिए चुन लिया गया इसके बाद अगले साल ही कल्पना को एस्ट्रोनॉट के 15 वे ग्रुप में चुना गया।

कल्पना चावला

फिर वो दिन भी  आगया जब कल्पना का सपना पुरा होने वाला था कल्पना चावला ने अपनी पहली उड़ान एसकेएस 87 कोलंबिया शटल में पूरी की जिसकी अवधि 19 नवंबर 1997 से लेकर 15 दिसंबर 1997 तक हुई अंतरिक्ष की पहली यात्रा के दौरान कल्पना चावला ने 372 घंटे बिताएं और पृथ्वी की 252 परिक्रमा पूरी की इस यात्रा के बाद कल्पना चावला ने अंतरिक्ष की दूसरी उड़ान 2003 में भरी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोलंबिया शटल की उड़ान भरते हुए नासा को यह पता चल गया था कि शतल की बाहरी भाग में एक इंसुलेशन का टुकड़ा टकरा गया है जिसके कारण शटल की बारी बाग में कुछ डैमेज हो क्या है।


मगर इसकी खबर यान में बैठे किसी भी वैज्ञानिक को लगने नहीं दी यहान अपनी पूरी रफ्तार में पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर हो गया या नहीं बैठे यात्री इस बात से बेखबर थे कि यान डैमेज हो चुका है अपनी 16 दिन की यात्रा में सभी वैज्ञानिकों और कल्पना चावला ने अपना काम बखूबी निभाया और पूरी जानकारी और एक्सपेरिमेंट बार-बार धरती पर भेजते रहे उनमें से कोई यह नहीं जानता था कि वह अब धरती पर कभी कदम नहीं रख पाएंगे क्योंकि उनका धरती पर आने वाला इकलोता यान बुरी तरह से डैमेज हो चुका है हालांकि नासा को विज्ञानिक यही सोच रहे थे कि यह एक छोटा सा डैमेज है अपनी 16 दिनो की य‍ात्रा के बाद 1 फरवरी 2003 को कल्पना चावला तथा उन के साथी जब धरती पर जाने का सफर शुरु किया तो उन को ये नही पता था अब कया होने वाला है मगर धरती पर बैठे ये विज्ञानिक उस यान पर निगाहें तिकाये हुये थे उने पता था कि अब कया होने वाला है जैसे ही ये यान धरती के वायुमंडल मे दाखिल हुया तो ये यान से वायुमंडल दबाव बनाने लगी तो ये यान धरती से सिरफ 63 कि0मि0 कि दुरी पर ही ये यान टुट कर बिखर गया मगर लोगो ने धरती पर एक धुये की लकीर ही निचे आती दिखी


नासा ने बयान दिया कि अगर यान के डैमेज होने की खबर यात्रियों को पता लग जाती तो वे 16 दिन अंतरिक्ष में घुट घुट कर जिते इस लिये उनहोने ये बात उनको नही बताइ ताकि वे आखरी 16 दिन तो खुशी से जी सके। कल्पना चावला हमारे दिल मे हमेशा जिंदा रहेगी