दुनिया की इन 6 रहस्यमयी जगहों पर गलती से भी नहीं जाते हैं लोग, जानिए क्यों?

दुनिया में वैसे तो कई भुतहा, खतरनाक, रहस्यमय और रोमांच से भरे स्थान हैं, लेकिन आज हम आपको दुनिया की कुछ ऐसी रहस्यमयी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में आपने शायद ही पहले कभी सुना होगा, तो चलिए आज की इस लेख में हम आपको उन स्थानों के बारे में बताते हैं। 

mysterious place


1. स्नेक आईलैंड (ब्राजील) 

ब्राजील के साओ पालो द्वीप के एक तट का नाम है स्नेक आईलैंड। हालांकि यह इसका निक नेम है। इसे इलहा डी क्विमाडा ग्रांड कहते हैं। यह वाकई एक रहस्यमयी स्थान है। आखिर कैसे लाखों की संख्या में यहां सांप पैदा हो गए और कब से यह सांप यहां पर इस तरह बहुतायत में रहते हैं। यह निश्चित ही एक रहस्य है।

यहां पर इन सांपों की संख्या इतनी अधिक है कि हर एक वर्ग मीटर में 5 सांप रहते है। यहां के सांपों कि गिनती विश्‍व के सबसे जहरीले सांपों में होती है। ये सांप यदि किसी को काट ले तो आदमी 10 से 15 मिनट के अंदर मर जाता है। संपूर्ण ब्राजील में सांपों के काटने से होने वाली मौतों में से 90 प्रतिशत मौतों के लिए यहां के ही सांप जिम्मेदार होते हैं। वर्तमान में ब्राजील की नेवी ने लोगों के यहां घुसने पर प्रतिबंध लगा रखा है।

2. सुसाइट फॉरेस्ट ओकिघारा (जापान)

आत्महत्या करने के लिए यह दुनिया की सबसे कुख्यात जगह है। यहां 2002 में ही 78 लोगों ने आत्महत्या की थी। आखिर क्यों? क्या इसलिए कि एक प्राचीन किंवदंती के अनुसार एक बार प्राचीन जापान में जब कुछ लोग अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ थे तो उन्हें ओकिघारा के इस जंगल में छोड़ दिया गया था, जहां पर उन सबकी भूख से मौत हो गई थी। ऐसा माना जाता है क‍ि वही भूत इस जंगल में आज शिकार करते हैं। कहा तो यह भी जाता है कि जिन लोगों ने यहां सुसाइड की है, उनकी आत्माओं का भी यहां वास है।

जापान के ज्योतिषियों का विश्वास है कि जंगलों में आत्महत्या के पीछे पेड़ों पर रहने वाली विचित्र शक्तियों का हाथ है, जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम देती रहती हैं। कई लोग, जो इस जंगल में एक बार प्रवेश कर जाते हैं, उन्हें ये शक्तियां बाहर निकलने नहीं देती हैं और वे उनके दिमाग पर काबू कर लेती हैं और अंतत: वे आत्महत्या कर लेते हैं। जापान में माउंट फुजी की तलहटी में बसा ओकिघारा का यह जंगल दुनिया में 'सुसाइड फॉरेस्ट' के नाम से मशहूर है। यहां सैकड़ों की संख्या में हर साल लोग सुसाइड के लिए जाते हैं। 

इस जंगल को मूल रूप से स्थानीय जापानी 'जुकारी' के नाम से जानते हैं। यहां सुसाइड करने वालों की संख्या का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सुसाइड किए हुए लोगों की लाशों को हटाने के लिए यहां की स्थानीय पुलिस सालाना अभियान चलाती है, लेकिन यहां से सालाना कितनी लाशें बरामद होती हैं इसका खुलासा कभी नहीं किया गया। इस डर से कि इससे लोगों को और ज्यादा सुसाइड करने की प्रेरणा मिलेगी। सिर्फ एक बार 2004 में यह आंकड़ा घोषित हुआ था, तब यहां से 108 लाशें बरामद हुई थीं। लोगों को सुसाइड से रोकने के लिए पुलिस ने जंगल में जगह-जगह नोटिस बोर्ड लगा रखे हैं जिन पर लिखा है- 'आपकी जिंदगी आपके पैरेंट्स के लिए एक अनमोल तोहफा है' तथा 'कृपया मरने का निश्चय करने से पूर्व एक बार पुलिस से संपर्क करें।'

3. नरक या भुतहा शहर (अमेरिका)


अमेरिका के बोस्टन के ओहाया के पास एक गांव स्थित है जिसे 'हेल टाउन' कहा जाता है। पूरा का पूरा गांव सुनसान पड़ा है। बोस्टन को 1806 में स्थापित किया गया था। 1974 में बिल काउंटी में एक राष्ट्रीय उद्यान बनाने के लिए यहां स्थित कई मकानों को ध्वस्त किया गया था। इस अफवाह के बाद कि सरकार यहां रासायनिक पदार्थ छिपा रही है, इस शहर को ऐसा ही छोड़ दिया गया तभी से यह शहर वीरान पड़ा हुआ ‍है जिसके चलते इसके 'नरक का शहर' होने की धारणा प्रचलित हो गई। अब लोग यहां जाने से डरते हैं। स्थानीय किंवदंती के अनुसार अब यह शैतानों का गांव है।
4. फ्रेंच कैटकोम्ज (फ्रांस)


फ्रांस की राजधानी पेरिस में जमीन से 20 मीटर गहराई में डिजाइन की गई यह जगह 'कब्रों का तहखाना' नाम से प्रसिद्ध है। यहां 60 लाख डेड बॉडीज को संजोया गया है। इस तहखाने को मुर्दों की हड्डियों ओर खोपड़ियों से करीब 2-2 किलोमीटर लंबी दीवार के सहारे बनाया गया है। 

यह भयानक स्थान फ्रांस के पेरिस में है। 1785 में कब्रिस्तान की कमी के चलते कई लाशों को एक साथ एक गड्ढे में दफना दिया गया था। फ्रांस की राजधानी पेरिस का कैटकोम्ब लगभग 200 मीटर लंबा है, जहां लगभग 6 मिलियन कंकाल मौजूद हैं। इस कैटकोम्ब को बहुत लोग देखने आते हैं।

5. गुड़ियों का द्वीप (मैक्सिको)

मैक्सिको सिटी से यह जगह 2 घंटे के सफर की दूरी पर है और बहुत खूबसूरत है लेकिन यहां पर्यटक आने से डरते हैं, क्योंकि इस जगह पर कदम-कदम पर विकृत गुड़ियाएं (डॉल्स) पेड़ों से लटकी हुई हैं, जो हर किसी को घूरती नजर आती हैं और जिन्हें देखने के बाद कोई एक कदम भी नहीं चल सकता।

इसके पीछे की कहानी यह है कि डॉन जूलियन संटाना बरेरा अपनी पत्नी सहित इस सुनसान जगह पर रहने के लिए आए थे। उन्हें अकेला रहना अच्‍छा लगता था, पर वहीं किसी दिन उन्हें नाले से बहते हुए एक बच्ची की लाश मिली जिस पर जूलियन को लगा कि वे इस लाश की आत्मा के प्रभाव में आ गए हैं। इस कारण से आत्मा के प्रभाव से उबरने के लिए वे पूरे द्वीप पर जगह-जगह डॉल्स को तब तक लटकाते रहे, जब तक कि वे मर नहीं गए। कहा जाता है कि उन्हें उनके भतीजे ने मृत अवस्था में पाया था। जूनियन को मरे 14 वर्ष हो गए हैं लेकिन यहां लोग रोमांच की तलाश में आते हैं।